(1) एक लीटर ethanol इथेनॉल के लिए खर्च हो रहा है 10000 हजार लीटर पानी? पेट्रोल बचाने के चक्कर में भारत देश में बढ़ सकती है पानी की समस्या भारत मे देश स्वतंत्र होकर भी 70% फायदा किसानो को अब तक नही मिला नदी का पानी बहकर समुंदर मे वापस मिल जाता है तो हम चीन को जपान को नाम रखने मे मशहूर है लेकिन उनके जैसे महाप्रकल्प भारत देश मे नही है/ इसका परिणाम विकास और आज भारत देश 157 की रेंज की सूची मे पोहोच गया/हमारे देश में सट्टा मटका 20/20 मिनिट मे भाव आते जाते रहते है यही असली वजह विकास न होने की है

10790 लीटर पानी लगता है जिसमें ज्यादातर हिस्सा खेती के दौरान खर्च हो जाता है वही मक्का से लगभग 4670 लीटर और गाने से करीब 3630 लीटर पानी लगता है जो ऐसी सरकार की नीति में संकट पैदा कर सकती है जो इस नीति के सामने बड़ी चुनौती को दिखाता है आगे चलकर कृषि क्षेत्र को पानी की कमी आ सकती है वह भारत देश में कृषि क्षेत्र ज्यादा होने से देश में हर जगह किसानों को खेती के लिए पानी कांग्रेस और भाजपा सरकार नहीं दे सकी तो डॉक्टर बाबासाहेब अंबेडकर इन्होंने कहा था देश की प्रगति करना है तो बड़ी-बड़ी नदिया से धरण और नदी जोड प्रकल्प को बढ़ावा देना जरूरी था लेकिन कांग्रेस और भाजपा सरकार ने कोई प्रगति नहीं किया पानी की वजह से बहुत सारे जगह जमीन ड्राई हो गई जिसमें बरसात में पौधे आते हैं जब प्रकल्प जोड़ पूरे देश में हो जाता तो भारत देश कृषि प्रधान देश दुनिया में एक नंबर हो जाता आज कल जो सरकारी कार्यक्रम चल रहे हैं वह किसानों के विरोध में कार्यक्रम हो रहे हैं किसानों को उनके उत्पादन का मुआवजा नहीं मिल रहा है खेती करना मुश्किल हो गया जो फसल निकलती है तो उसे मार्केट में लाने के बाद किसानों को उनकी मेहनत फल नहीं मिलता इसलिए भारत देश में किसान आत्महत्या कर रहे हैं तो आत्महत्या की वजह दो नंबर धंदे की वजह से पूरे देश में सट्टा मटका जुगार चलता है 10/ 10 मिनट में मटका बाजार भाव खुलता है ऐसा लालच देकर सरकार ज्यादातर किसानों को बेरोजगार कर के देश का विकास नहीं होने की वजह है? देश स्वतंत्र होकर भी आज तक जो सुविधा जनता को मिलनी चाहिए थी वह नहीं मिली देश के मुख्य समस्या मकान अनाज बिजली पानी है! वह नहीं मिली तो समस्या का समाधान स्वतंत्र भारत में नहीं हो सका इसकी वजह एक ऐसा समाज, जिसमें मानव व्यक्तित्वों के प्रति कोई सम्मान नहीं होता, वह लुटेरों का एक गिरोह होता है।— डॉ. बी. आर. आंबेडकर जिन्होंने राजे छत्रपति शिवाजी महाराज इनकी शिवशाही राज में किसानों को खेती का मालिक बनाया जो शिवशाही में राज चलता था वही डॉ: बाबा साहब ने संविधान में कलम से लिख दिया पर देश में संविधान को बहुत सारे लोगों ने पढ़ा नहीं इसलिए देश का विकास नहीं हुआ हमको जो भारत देश बनाना था वह नहीं बन सका देश में सब दो नंबर धंधे और राजकरण गरीबों को लूटना इसकी वजह शिक्षा न होने का कारण और देश में बहुत सारे लुटेरे बन गए जो लुटेरे बन गए उन्होंने गरीबों का खून चूस लिया गरीब के प्रति कोई सम्मान कोई आदर नहीं जो आगे चले गये उन्होंने पीछे मुड़कर कभी देखा नहीं जो देश में गरीब किस हालत में जी रहा है तो बाबा साहब ने बोल दिया था संविधान नहीं पढ़ोगे तो आपको गुलामी करना पड़ेगी आज वही गुलामी भारत के 80 % के लोग करते हैं जो उनकी कमाई पर बड़े-बड़े नेता लोगों ने सरकारी तिजोरी खाली कर दी है उनके कहीं लोग चमचागिरी चाटूगिरी करके आगे चले गए इसकी वजह से देश का विकास खत्म हो गया अब देश में लोकतंत्र समाप्त हो गया अब हुकुमशही लगने में ज्यादा देर नहीं है आगे देखते चलिए क्या होता है देश का हाल इसकी वजह// संविधान हम नहीं समझ सके संविधान हमको गुलामी से आजाद करने का एकमात्र उपाय था! जय हिंद जय भारत










